क्या मौत के बाद पुनरुत्थान (या 'दोबारा जीवित होना') संभव है?

क्या मौत के बाद पुनरुत्थान (या 'दोबारा जीवित होना') संभव है?
एक महीने पहले

बहुत से लोग दोबारा उठाए जाने (पुनरुत्थान) के विचार पर हैरान होते हैं, लेकिन इस्लाम याद दिलाता है कि जिसने आपको पहली बार पैदा किया, वह आपको दोबारा वापस लाने की पूरी क़ुदरत (सामर्थ्य) रखता है।


मौत के बाद वापसी कोई कल्पना नहीं है, बल्कि यह उस ख़ालिक़ (सृष्टिकर्ता) का वादा है जिसे कोई भी चीज़ आजिज़ (असमर्थ) नहीं कर सकती।


क़यामत का दिन (दोबारा उठाए जाने का दिन) हिसाब (लेखा-जोखा) का दिन है, जिसमें हर इंसान को उसके कर्मों का बदला दिया जाएगा। जन्नत (स्वर्ग) के दरवाज़े उनके लिए खोले जाएँगे जो ईमान लाए और नेक अमल (अच्छे कर्म) किए, और जहन्नम (नरक) के दरवाज़े उनके लिए बंद कर दिए जाएँगे जिन्होंने कुफ़्र किया और गुनाह (पाप) किए।


अल्लाह किसी पर ज़ुल्म (अन्याय) नहीं करता, बल्कि हर इंसान को उसी का बदला देता है जो उसने किया।


#पुनरुत्थान #आख़िरत_पर_ईमान #अल्लाह_की_कु़दरत

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