क्या मौत के बाद का अनदेखा संसार (ग़ैबी दुनिया) आपको डराता है?
इस्लाम आपसे दंतकथाओं (कहानियों) पर विश्वास करने की माँग नहीं करता, बल्कि सृष्टि (पैदाइश) और ब्रह्मांड की निशानियों (आयातों) में अक्ल (बुद्धि) का इस्तेमाल करने की माँग करता है।
मुसलमान ग़ैब (अदृश्य) पर इसलिए ईमान (विश्वास) रखता है क्योंकि वह एक ऐसे बुद्धिमान ईश्वर पर यकीन रखता है जो अपनी मख़लूक (सृष्टि) के साथ खिलवाड़ नहीं करता।
इस्लाम में, ग़ैब कोई अनजाना अँधेरा (अज्ञानता) नहीं है, बल्कि यह वह ज्ञान है जो अल्लाह ने अपनी वही (ईशवाणी) में रखा है ताकि आपको इत्मीनान (शांति) और यकीन (दृढ़ विश्वास) की तरफ़ ले जाए, और यह अल्लाह की तरफ़ से इंसाफ़ (न्याय), रहमत (दया) और हमेशा की ज़िंदगी (अनन्त जीवन) का वादा है।
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