इस्लाम में बरज़ख का क्या मतलब है?
इस्लाम में बरज़ख वह चरण है जो मृत्यु के बाद आता है और क़यामत (न्याय के दिन) से पहले रहता है।
इस चरण में, आत्मा अल्लाह के निर्णय की प्रतीक्षा की स्थिति में होती है, जहाँ हर इंसान को उसके कर्मों के अनुसार प्रतिफल दिया जाता है।
इस दुनिया (बरज़ख) में, आत्मा अपने जीवनकाल में किए गए कार्यों के आधार पर आराम या दर्द (तकलीफ) महसूस करती है।
बरज़ख ईश्वरीय न्याय का एक हिस्सा है जो यह सुनिश्चित करता है कि हर व्यक्ति को उसका प्रतिफल मिले।
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