सवतशक्तिमान एवों महान अल्लाह ने बताया है कि बहुत-से ि ि उस समाज िे भय से इस्लाम ग्रहि नहीों िरते हैं , कजसमें वे जी रहे ह ते हैं ।
बहुत-से ि ि इस्लाम ि अस्वीिार िरते हैं , क्य कों ि वे अपनी उन मान्यताओों ि बदिना नहीों चाहते हैं , ज उन्हें अपने पूवतज से कवरासत में कमिी हैं और कजनिे वे आदी ह िए हैं । जबकि बहुत-से ि ि ों िा रािा उनि कवरासत में कमिा हुआ तास्सुब एवों असत्य िी तरफदारी र ि िेती है ।
िेकिन इन तमाम ि ि ों िे ये बहाने एवों तित उस कदन िुछ िाम नहीों आएँ िे। उस कदन वे अल्लाह िे सामने इस हाि में खडे हि े कि उनिा दामन तित से खािी ह िा
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