मुसिमान ह ने िे किए इन छह िोंभ ों पर ईमान िाना ह िा :
अल्लाह तआिा पर तथा इस बात पर कवश्वास रखना कि वह सृकिितात , आजीकविादाता, सोंचािनितात और माकिि है । उसिे जैसी ि ई चीज़ नहीों है । उसिी न पत्नी है , न सोंतान। वही इबादत िा हक़दार है ।
इस बात पर ईमान कि फररश्े अल्लाह िे बोंदे हैं , अल्लाह ने उनि नूर से पैदा किया है और उनि एि िाम यह कदया है कि वे नकबय ों िे पास वह्य िेिर आया िरते थे।
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