अल्लाह तआिा ने आरों भ िाि से ही रसूि भेजने िा कसिकसिा जारी रखा, ताकि ि ि ों ि उनिे पािनहार िी ओर बुिाएँ और उनि अल्लाह िे आदे श तथा कनषेध पहुँ चाएँ । तमाम रसूि ों िे आह्वान िा सार था; एि सवतशक्तिमान एवों महान अल्लाह िी इबादत। जब भी किसी समुदाय ने अपने रसूि िी
कशक्षा ि छ डना या उसे कबिाडना शुरू किया, अल्लाह ने सुधार तथा एिेश्वरवाद एवों अनुसरि िा माित कदखाने िे किए दू सरा रसूि भेज कदया। इस कसिकसिे िा अोंत मुहम्मद सल्लल्लाहु अिैकह व सल्लम पर किया, ज एि सोंपूित दीन और क़यामत िे कदन ति पैदा ह ने वािे तमाम ि ि ों िे किए एि शास्वत और पहिे िी तमाम शरीयत ों िे किए पूरि एवों उनि कनरि िरने वािी शरीयत िेिर आए, कजसे क़यामत िे कदन ति कनरों तर रूप से
बाक़ी रखने िी िारों टी अल्लाह तआिा ने दी है ।
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