इस्लाम ग्रहि िरने िे बडे िाभ हैं । जैसे :
दु कनया में यह िामयाबी और सम्मान कि इन्सान अल्लाह िा
बोंदा ह िर जीवन व्यतीत िरे । अिर ऐसा न ह , त वह हवा-ए-
नफ़्स, शैतान और आिाों क्षाओों िा बोंदा बनिर रह जाए।
आकखरत में यह सििता कि अल्लाह िी क्षमा एवों उसिी
प्रसन्नता प्राप्त ह ती है , अल्लाह उसे जन्नत एवों उसिी िभी खत्म
न ह ने वािी नेमतें प्रदान िरता है और वह जहन्नम िी यातना से
छु टिारा प्राप्त िर िेता है ।
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