क्या यह पूरा ब्रह्मांड बिना कारण के अस्तित्व में हो सकता है?
कल्पना कीजिए कि आप एक कमरे में प्रवेश करते हैं और उसमें पाते हैं: एक अत्यंत सटीक रूप से बनी हुई घड़ी। वह बिना किसी त्रुटि के काम कर रही है, और उसके सभी भाग पूर्ण समन्वय में हैं।
क्या पहला विचार जो आपके मन में आएगा यह होगा: “इस घड़ी ने स्वयं को बनाया”?
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या आप तुरंत कहेंगे: “निश्चित ही इसका कोई निर्माता है”?
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एक सरल तर्कसंगत नियम
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मानव बुद्धि एक मूल नियम के अनुसार कार्य करती है: हर वह चीज़ जिसका आरंभ है… उसका एक कारण है।
“यह विचार कि कोई वस्तु स्वयं को बनाती है, एक स्पष्ट तर्कसंगत विरोधाभास है।