"Wu Wei" (निष्क्रियता) बनाम इस्लाम में तकलीफ़ (जिम्मेदारी) और प्रयास
इस्लाम में “तकलीफ़” (धार्मिक जिम्मेदारी) और सकारात्मक कर्म का सिद्धांत, “वू वेई” (Wu Wei) के दर्शन के पूर्णतः विपरीत है।
इस्लाम मनुष्य को केवल प्रकृति के प्रवाह में बहने वाला एक निष्क्रिय तत्व नहीं मानता, बल्कि उसे धरती पर “खलीफ़ा” (प्रतिनिधि) बनाकर भेजा गया है, जिसे जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वह ईश्वरीय मार्गदर्शन के अनुसार जीवन जीए और संसार का सुधार करे।
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सक्रियता और जिम्मेदारी (तकलीफ़):
02
इस्लाम में मनुष्य को पूरी तरह पीछे हटने या “हस्तक्षेप न करने” के सिद्धांत को अपनाने की अनुमति नहीं है।
03
यहाँ “ईमान” (विश्वास) और “अमल” (कर्म) दोनों को मुक्ति का आधार माना गया है।
“नबी ﷺ ने फरमाया: