शाश्वत संदेश पैग़म्बर ﷺ का जन्म जब अंधकार में डूबी नगरी में नूर पैदा हुआ

मक्का एक ऐसा शहर था जहां मजबूत व्यापार था प्रतिस्पर्धी कबीलें थीं और समृद्ध घर थे मगर उसके भीतर एक घुटन भरी आध्यात्मिक खालीपन था

लोग अपने ही हाथों से बनाए हुए बुतों का तवाफ करते थे

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ताकतवर कमज़ोर पर हावी था

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जीवन को दया या न्याय से नहीं बल्कि धन और नसब से तौला जाता था

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और उसी समय एक बच्चा पैदा हुआ जिसके बारे में किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि उसकी ज़िंदगी ऐसा परिवर्तन लाएगी जो इतिहास की धारा को आज तक बदल देगा

वह बच्चा मुहम्मद ﷺ था

1-एक निर्णायक घड़ी में जन्म बिना शोर के मगर अर्थ से भरा हुआ

यह हाथी के वर्ष में हुआ उस वर्ष जब एक विशाल सेना ने मक्का पर धावा बोलने की कोशिश की

लेकिन यह छोटा सा शहर इंसानी ताकत से नहीं बल्कि ईश्वर की अदृश्य शक्ति से सुरक्षित रहा

उसी तनाव भरे माहौल में मुहम्मद ﷺ का जन्म हुआ

बनू हाशिम के एक प्रतिष्ठित घर में

अरब के सबसे सम्मानित नसबों में से एक नसब में

ऐसे समाज के बीच जो कबीलों की प्रतिस्पर्धा और बुतपरस्ती से फटा पड़ा था

2- सबसे महान उम्मत के नेता का जन्म यतीम क्यों हुआ

वह यतीम बड़े हुए

लेकिन टूटे हुए नहीं बड़े हुए

वह ऐसे दिल के साथ बड़े हुए जो लोगों को महसूस करता था

वह अकेलेपन के दर्द को समझते थे

वह जानते थे कि इंसान को नर्मी और सहारे की कितनी जरूरत होती है

यह परवरिश संयोग नहीं थी

यह एक बहुत सटीक तैयारी थी उस व्यक्ति के लिए जो सारे जहानों के लिए रहमत बनेगा

3- वह बचपन जिसने ऐसा दिल बनाया जो दिलों जैसा नहीं था

वह बदिया और मक्का के बीच पले बढ़े

उन्होंने सख्ती भी जानी और नर्मी भी

उन्होंने रेगिस्तान की कठोर ज़िंदगी भी देखी और मक्का के व्यापक व्यापार को भी

वह अलग अलग तरह के लोगों के बीच रहे

तो वह लोगों को समझने लगे

वह गरीब का डर समझते थे

यतीम का दर्द समझते थे

मिस्कीन की जरूरत समझते थे

अमीर का घमंड पहचानते थे

ताकतवर का हठ समझते थे

यह शुरुआती इंसानी समझ उन्हें लोगों के दिल के सबसे करीब बना गई किसी भी ऐसे नेता से बढ़कर जिसे धरती ने जाना हो

4- नबूवत से पहले की सच्चाई

नबी बनने से पहले उन्हें कहा जाता था सादिक और अमीन

उनसे कभी झूठ साबित नहीं हुआ

न उन्होंने ज़ुल्म किया

न उन्होंने खयानत की

न उन्होंने कोई दुख देने वाला शब्द कहा

वह कभी किसी बुत के बंदे नहीं रहे और न किसी अंधविश्वास के साझीदार

वह सच की तलाश अकेले करते रहे एक ऐसे शहर में जो झूठ से भरा हुआ था

5- उनका जन्म इतिहास में निर्णायक मोड़ क्यों था

क्योंकि दुनिया तीन संकटों में जी रही थी

ज़ुल्म जो कमज़ोरों को निगल रहा था

अंधविश्वास जो दिमागों को चला रहा था

अखलाकी और अर्थपूर्णता का खो जाना जो इंसान को बिना दिशा के छोड़ देता है

एक ऐसे व्यक्ति का जन्म जिसके दिल में नूर था जिसकी रूह में सच्चाई थी और जिसकी ज़िंदगी में पाकीज़गी थी अर्थ की वापसी की शुरुआत बन गया

6- यह हिदायत का जन्म था सिर्फ एक इंसान का जन्म नहीं

हर बच्चा अपनी ज़िंदगी जीने के लिए पैदा होता है मगर यह बच्चा मानवता की ज़िंदगी बदलने के लिए पैदा हुआ

मुहम्मद ﷺ पैदा हुए ताकि वे नए सिरे से परिभाषित करें

न्याय

दया

गरिमा

इबादत

सत्य

अपनापन

मानव मूल्य

वह मानवता से कहने के लिए पैदा हुए

तुम खोए हुए नहीं हो

तुम किसी चीज़ के गुलाम नहीं हो

तुम बिना उद्देश्य के पैदा किए गए प्राणी नहीं हो

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