क्या ज़िंदगी बस एक इत्तेफ़ाक़ है? तो फिर तुम्हें क्यों लगता है कि तुम्हारी कोई अहमियत है?
वे कहते हैं: "हम तो बस प्राकृतिक विकास हैं... रासायनिक संयोगों का जोड़।"
तो फिर... जब कोई तुम्हारा अपमान करता है, तो तुम्हें टूटा हुआ क्यों महसूस होता है?
जब तुम किसी अपने को खो देते हो, तो दर्द क्यों होता है?
#इस्लाम #सच्चाई #जीवन_का_अर्थ #बात_करो_और_फैसला_लो #ChatAndDecide