इंसान की चाहत और सच्चाई के बीच संघर्ष आज एक शब्द हर जगह सुनाई देता है: राजनीति में… मीडिया में… फ़िल्मों में… विचारों की बहस मे...
वह सवाल जो जीवन के अर्थ की सबसे बड़ी सच्चाई तक ले जाता है रुकिए एक पल।कल्पना कीजिए कि पूरी मानवता कल गायब हो जाए। न शहर रहेंगे।न कंपनियाँ।न सरकारें।...
परीक्षा (इम्तिहान) के अर्थ को समझने की एक नई दृष्टि अगर कल दुनिया से दर्द खत्म हो जाए… न कोई बीमारी रहे, न गरीबी, न बिछड़ना, न दुख। दुनिय...
प्रस्तावना: जब आप आकाश की ओर देखते हैं रात में अपनी आँखें उठाइए। कल्पना कीजिए कि आप तारों के एक विशाल गुंबद के नीचे खड़े हैं—असंख्य आकाश...
इस्लाम अस्तित्व संबंधी प्रश्नों का उत्तर बुद्धि और प्रकाशना के माध्यम से कैसे देता है? प्रश्न की रूपरेखा: क्या जीवन का कोई निश्चित अर्थ है? मनुष्य...
अस्तित्व की गहराइयों में मनुष्य एक ऐसे क्षण के सामने खड़ा होता है जो आघात जैसा प्रतीत होता है: अप्रत्याशित दर्द, एक ऐसी हानि जो अर्थहीन लगती है,...
स्वतंत्रता… क्या हम सचमुच स्वतंत्र हैं? क्या आप अपनी इच्छा के अनुसार चुनने के लिए स्वतंत्र हैं? क्या आप अपने निर्णयों को नियंत्रित करते हैं...
हर बार जब कोई त्रासदी घटती है, यह प्रश्न दोहराया जाता है: यदि ईश्वर दयालु है… तो बीमारी क्यों? युद्ध क्यों? निर्दोष लोग क्यों मरते ह...
यदि ईश्वर सब कुछ जानता है तो क्या मेरे कर्म पहले से लिखे हुए हैं? और यदि वे लिखे हुए हैं तो मुझे उत्तरदायी क्यों ठहराया जाता है? इस प्रश्न...
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